ओम मंदिर

JAMBUDWEEP से
Jainudai (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित २२:४०, २५ जून २०२० का अवतरण
(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

ओम मंदिर

1060.jpg

अरिहंत ,सिद्ध,आचार्य उपाध्याय और साधु परमेष्ठियों की प्रतिमाओं सहित ॐ (ओम) रचना इस मंदिर में विराजमान है |

ॐ मंदिर में विराजमान पंचपरमेष्ठी भगवन्तों की प्रतिमाओं से संयुक्त ग्रेनाइट का विशाल ॐ

पूज्य माता जी की प्रेरणा से जम्बूद्वीप स्थल पर प्रथम बार इस ओम मंदिर का निर्माण किया गया है | जिसमे ॐ की रचना में पंच परमेष्ठी भगवान विराजमान किये गये है |

ओम का अर्थ -


अरिहंता असरीरा,आइरिया तह उवज्झाया मुणिणो |
पढ़मक्खरणिप्पण्णो, ओंकारो पंच परमेट्ठी |

अर्थ- अरिहंत का प्रथम अक्षर 'अ,अशरीर (सिद्ध) का 'अ' आचार्य का 'आ',उपाध्याय का 'उ', और मुनि (साधु) का 'म्' इस प्रकार पंचपरमेष्ठियों के प्रथम अक्षर (अ + अ + आ + उ + म्) को लेकर 'स्वेऽको दी' और 'आदूगुण:' सूत्र से संधि करने पर 'ओम' मन्त्र सिद्ध होता है | इससे यह पंचपरमेष्ठी का वाचक है |

इस मंदिर में ॐ में अरिहंत,सिद्ध ,आचार्य,उपाध्याय और साधु इन पंचपरमेष्ठियों की प्रतिमाएँ वीर नि.सं.२५२४ माघ शु.१५ दिनाँक ११-०२-१९९८ को विराजमान की गई है |