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=== <center><font size="" color="green">''जम्बूद्वीप तीर्थ पर निर्मित तीनलोक रचना'' </font></center>===
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जम्बूद्वीप तीर्थ पर विश्व में प्रथम बार निर्मित एक और रचना है,जिसे 'तीनलोक' कहा जाता है | इस रचना में जैन धर्म के अनुसार अधोलोक, मध्यलोक एवं ऊर्ध्वलोक की अवस्थिति प्रदर्शित की गई है, जिसमें अधोलोक में भवनवासी, व्यंतर आदि देवों के भवन, जिनमंदिर तथा 7 नरक व वहाँ उपस्थित नारकियों की दशा, मध्यलोक में पंचमेरू पर्वत आदि तथा ऊर्ध्वलोक में 16 स्वर्ग में रहने वाले देवों का ऐश्वर्य, भव्य जिनमंदिर, नवग्रैवेयक,नवअनुदिश,पंच अनुत्तर व सबसे ऊपर सिद्धशिला आदि प्रदर्शित किये गये हैं | इस रचना में विराजमान की गई समस्त प्रतिमाएं पांच   
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१५:२०, १७ जून २०२० का अवतरण

तीन लोक रचना

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जम्बूद्वीप तीर्थ पर निर्मित तीनलोक रचना

जम्बूद्वीप तीर्थ पर विश्व में प्रथम बार निर्मित एक और रचना है,जिसे 'तीनलोक' कहा जाता है | इस रचना में जैन धर्म के अनुसार अधोलोक, मध्यलोक एवं ऊर्ध्वलोक की अवस्थिति प्रदर्शित की गई है, जिसमें अधोलोक में भवनवासी, व्यंतर आदि देवों के भवन, जिनमंदिर तथा 7 नरक व वहाँ उपस्थित नारकियों की दशा, मध्यलोक में पंचमेरू पर्वत आदि तथा ऊर्ध्वलोक में 16 स्वर्ग में रहने वाले देवों का ऐश्वर्य, भव्य जिनमंदिर, नवग्रैवेयक,नवअनुदिश,पंच अनुत्तर व सबसे ऊपर सिद्धशिला आदि प्रदर्शित किये गये हैं | इस रचना में विराजमान की गई समस्त प्रतिमाएं पांच





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