भगवान ऋषभदेव ज़ूम चैनल से जुड़ें- प्रतिदिन अपरान्ह 3:30 एवं सायं 7:00 बजे से - Meeting Id -8110081008, pwd-1008

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gOLDEN PERSONALITY OF GANINEE GYANMATI MATAJI

Pujya Ganini Pramukh Shri Gyanmati Mata Ji is like the brilliant sun on the wide-spread sky of Jain tradition in the present century. All the efforts to enclose her glorious personality in words will surely remain incomplete, however with the sincere wish of paying homage to her long ascetic life, I am humbly trying to pen down her brief introduction- 

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Pujya Shree Chandna Mati Mataji

Lots of Affection, Deeply Rooted spirit of Gurubhakti, Encouraging Mutual Understanding & love between others, Inspiring towards the eternal path of Salvation by adopting Restraint and many others are the characteristic attributes of the noble personality of Pujya Pragyashramni Aryika Shri Chandnamati Mataji, the life-sketch of whom is being presented here :

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Swasti Shree Ravindra Kirti Swami Ji

Karmayogi Peethadhish Swasti Shri Ravindrakirti Swami Ji: Brief Introduction 

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राष्ट्रपति भवन में सर्वोच्च जैन साध्वी का मंगल उद्बोधन

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              भारत गणतंत्र के राष्ट्रपति माननीय श्री रामनाथ जी कोविंद के व्यक्तिगत आमंत्रण पर जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी भरतगौरव गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का मंगल आगमन बड़े आत्मीय एवं विशिष्ट आदर सम्मान के साथ दिनांक 14 नवम्बर 2021 को प्रातः 9.30 बजे राष्ट्रपति भवन में हुआ। सर्वप्रथम संघ सहित पधारीं पूज्य माताजी का साउथ कोर्ट के प्रवेश द्वार पर राष्ट्रपति जी का सचिव महोदय ने अभिवंदन किया।  पूरा पढ़ें.....

पूज्य माताजी का मंगल विहार

(9-10 दिसम्बर) 

🌷 आज 9 दिसम्बर को प्रातः 7.30 बजे थापरनगर से पूज्य माताजी मंगल विहार करके मेरठ के शास्त्री नगर-D ब्लॉक के दिगम्बर जैन मन्दिर में पहुँचेंगी, जहाँ पूज्य माताजी का प्रवचन एवं आहारचर्या सम्पन्न होगी। 9 दिसम्बर को ही सामायिक के उपरान्त मध्याह्न 3 बजे मेरठ के डिफ़ेन्स कॉलोनी के लिए विहार होगा। डिफ़ेन्स कॉलोनी में श्री मनोज कुमार जैन के भवन में रात्रि विश्राम होगा।

💐 10 दिसम्बर को प्रातः 8 बजे गंगानगर के दिगम्बर जैन मंदिर में प्रवचन सभा होगी। पुनः डिफ़ेन्स कॉलोनी में आहारचर्या व सामायिक के उपरान्त मध्याह्न 1 बजे मवाना की तरफ आगे के लिए विहार होगा।

🆘 नोट- मौसम आदि के कारण कार्यक्रम में परिवर्तन सम्भव है। 

♦️-गणिनी ज्ञानमती नेटवर्क, जंबूद्वीप


उपन्यास स्वाध्याय प्रतियोगिता के अंतर्गत 30-11-2021 को हुए "संस्कार" उपन्यास प्रतियोगिता का रिजल्ट देखें 
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            जम्बूद्वीप निर्माण का प्रथम चरण

         जुलाई सन 1974 में रखी गई नींव के आधार पर जम्बूद्वीप के बीचोंबीच में सर्वप्रथम आगमवर्णित सुमेरुपर्वत (101 फुट ऊंचा) का निर्माण ..........

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 तेरहद्वीप जिनालय

 

         जम्बूद्वीप तीर्थ पर अनूठी कृतियों का संगम अद्भुत प्रस्तुति के साथ अति विशिष्ट जिन मंदिरों के रूप में देखा जा सकता है | इन्हीं में से एक है-तेरहद्वीप जिनालय |

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आध्यात्मिक सौंदर्य


          उत्तर भारत के गौरव का प्रतीक माना जाने वाला जम्बूद्वीप अपने आप में स्वयं एक परिपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र है, जिसके दर्शन के द्वारा देश-विदेश से से आने वाले समस्त .......

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कमल मंदिर एवं तीनलोक रचना


      सर्वप्रथम फरवरी सन 1975 में भगवान महावीर की खडगासन प्रतिमा की प्रतिष्ठा के बाद ही जम्बूद्वीप क्षेत्र का विकास प्रगति को प्राप्त हुआ, यह प्रतिमा कमल मंदिर में विराज मान है |

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तीन विशाल प्रतिमाओं की स्थापना

 

          तीर्थकर जन्मभूमियों के इतिहास में यह प्रथम अवसर था, जब भगवान शांतिनाथ-कुंथुनाथ-अरहनाथ जैसे तीन-तीन पद के धारी महान तीर्थंकरों की साक्षात् जन्मभूमि हस्तिनापुर में जम्बूद्वीप स्थल पर ग्रेनाइट पाषाण की 31-31 फुट उत्तुंग तीन विशाल प्रतिमाएं....... पूरा पढ़ें

दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान (रजि.)

 

         ईसवी सन् 1972 में सर्वोच्च जैन साध्वी पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से स्थापित उक्त संस्था के द्वारा जम्बूद्वीप रचना के निर्माण हेतु मेरठ (उ.प्र.) के ऐतिहासिक तीर्थ हस्तिनापुर में नशिया मार्ग पर जुलाई 1974 में एक........पूरा पढ़ें

संस्थान के स्वर्णिम इतिहास की एक झलक


         जम्बूद्वीप परिसर में अनेकानेक निर्माणों के साथ-साथ इस संस्थान द्वारा संचालित सर्वतोमुखी कार्य सदैव राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर के रहे हैं। यहाँ स्थापित वीर ज्ञानोदय ग्रंथमाला के द्वारा दो सौ से .......पूरा पढ़ें

हस्तिनापुर कैसे पंहुचें एवं यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएँ

 

हस्तिनापुर तीर्थ में जम्बूद्वीप स्थल के पूरे परिसर में संस्थान द्वारा कार्यालय का सक्रिय संचालन किया जाता है। वहाँ यात्रियों के ठहरने हेतु आधुनिक सुविधायुक्त 200 कमरे 50 से अधिक डीलक्स फ्लैट एवं अनेकों गेस्टहाउस (बंगले) बने हुए हैं। .......पूरा पढ़ें

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