तीन मूर्ति मंदिर

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तीन मूर्ति मंदिर

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भगवान आदिनाथ,भरत एवं बाहुबली की खड्गासन प्रतिमाओं से इस मंदिर का नाम सार्थक है | कमल पर विराजमान भगवान नेमिनाथ एवं पार्श्वनाथ से इस मंदिर की शोभा द्विगुणित हो गयी है | देश विदेश से लोग यहाँ दर्शन करने आते है |जब भक्त लोग ये तीन मूर्तियों पर पंचामृत अभिषेक करते है तो भक्त जन अपने पुण्य की सरहना भी करते है और भगवान नेमिनाथ की पद्मासन प्रतिमा जो की हरे पाषाण की है वह बहुत आकर्षण और मनोहारी भी लगती है जब इस पे भक्त जन दूध का अभिषेक करते है तो यह दृश्य मन को लुभाता है और इन प्रतिमा में इनके चिन्ह अलग से भी नीचे दर्शाये गए है |और श्वेत कमल व श्वेत हंस भी इन प्रतिमा के साथ भी बने हुए है|


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ये दृश्य तीन मूर्ति मंदिर के बाहर के दरवाजे का है यात्री जब भी इस दर्शन हेतु आते है तो बाहर से ही पता चल जाता है की ये तीन मूर्ति मंदिर है और यह मंदिर नं०-2 है |