तीर्थंकर ऋषभदेव तपस्थली प्रयाग तीर्थ का निर्माण
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कैलाश पर्वत

          पूज्य माताजी की प्रेरणा से करोड़ों वर्ष प्राचीन भगवान ऋषभदेव की दीक्षा एवं केवलज्ञान भूमि प्रयाग-इलाहाबाद का सन् 2001 में विकास किया गया। यहाँ मध्य में झरने आदि प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त 50 फुट ऊंचा विशाल कैलाशपर्वत निर्मित है, जिस पर 14 फुट उत्तुंग भगवान ऋषभदेव की पद्मासन प्रतिमा विराजमान की गई है। पर्वत पर त्रिकाल चौबीसी के 75 जिनमंदिरों के दर्शन भी एक साथ होते हैं। नीचे गुफा मंदिर में भी सुन्दर वेदी पर भगवान ऋषभदेव की प्रतिमा विराजमान है। कैलाशपर्वत के एक ओर भगवान ऋषभदेव केवलज्ञान कल्याणक समवसरण मंदिर है, जिसमें समवसरण श्रीविहार रथ के माध्यम से देशभर में प्रवर्तित समवसरण की रचना को स्थापित किया गया है। दूसरी ओर भगवान ऋषभदेव दीक्षाकल्याणक तपोवन है, जिसमें धातु से निर्मित वटवृक्ष के नीचे मुनि अवस्था में भगवान ऋषभदेव की प्रतिमा विराजमान की गई है।


         प्रथम तीर्थकर भगवान ऋषभदेव के दीक्षा एवं ज्ञानकल्याणक का प्राचीन इतिहास साकार करने हेतु उक्त तीर्थ का निर्माण कर संस्थान ने एक ऐतिहासिक कार्य किया है। जहाँ सम्पूर्ण व्यवस्था जम्बूद्वीप के समान ही संचालित हो रही हैं।


         तीर्थ पर पहुँचने हेतु इस कार्यालय से संपर्क करें-


तीर्थंकर ऋषभदेव तपस्थली प्रयाग दिगम्बर जैन तीर्थ

 


ऋषभदेवपुरम्, इलाहाबाद-बनारस हाइवे, पो. इलाहाबाद (उ.प्र.)

मो. 09412708203, फोन नं.(0532) 2567067

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भगवान ऋषभदेव केवलज्ञान 

कल्याणक समवसरण मंदिर

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आचार्य शान्तिसागर निलय

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भगवान ऋषभदेव दीक्षाकल्याणक तपोवन

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ऋषभदेव कीर्तिस्तम्भ